शनिवार, 13 अगस्त 2011

12 अक्तूबर 2005 को सूचना का अधिकार जब अस्तित्व में आया तो आम नागरिकों ने राहत की सांस ली कि अब सरकारी दफ्तरो में रूके हुए कार्य पूर्ण हो जायेगे हमें जो भी जानकारी चाहिऐगी वो 30 दिनो के अन्दर मिल जायेगी इस कानून को लागू हुए 5 साल 10 महिने हो गये हैं। मौजूदा समय में यह कानून आवेदन करने वालो के लिये परेशानी का कारण ही बन गया हैं। जन सूचना अधिकारी सूचना देने से बचने के लिए आवेदन लेना ही नही चाहते तथा जो आवेदन मजबूरी वश ले भी लेते है तो इस प्रकार की सूचना तो दे दी जाती है जिसमे उनके विभाग की अनियमितता न हो लेकिन जिन मामलो में इनकी सांठ-गांठ होती है वे सूचनाएं देते ही नही या देते है तो उसे तोड मरोड कर देते है। प्रथम अपील जन सूचना अधिकारी से सीनियर अधिकारी द्वारा ही सुनी जाती है वो भी अपने विभागीय अधिकारी के अनुरूप ही चलते है। अब बचा द्वितीय अपील केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग के समक्ष करने का आखिरी हथियार वहां कोई समय सीमा निर्धारित नही की हुई वहां साल भर तक मामला सुनवाई पर ही नहीं आता। सुनवाई पर आने के बाद आवेदन कर्ता अगर हाजिर नहीं होता है तो मामला रफा दफा कर दिया जाता है। आयुक्तों का रूझान भी अधिकतर जनसूचना अधिकारी की तरफ ही रहता है। 99 प्रतिशत मामलों में पैनल्टी नहीं लगाना उनके रूझान को स्पष्ट करता है।

सरकार कानून लागू करके वाहवाही तो लूटना चाहती हैं परन्तु सख्ती से इसकी अनुपालना करवाना नहीं चाहती। जब तक इस कानून की सुचारू रूप से पालना नहीं हो तब तक यह प्रशासन में पारदर्शिता लाने के स्थान पर जन साधारण के लिए दुःख का कारण ही बनकर रह जायेगा। सरकार द्वारा जनता पर लगाए गए विभिन्न प्रकार के टैक्सों और जनउपयोगी सेवाओं यथा नल, बिजली वगैरा का भुगतान समय पर नहीं करने पर सभी को नियमानुसार जुर्माना आवश्यक रूप से भरना पड़ता है। इसी प्रकार सूचना आयुक्तों द्वारा सूचना विलम्ब से देने के लिए या नहीं देने के दोषी जन सूचना अधिकारी पर कानून में प्रदत पैनल्टी अनिवार्य रूप से प्रत्येक मामले में पैनल्टी लगानी चाहिए और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की शिफारिश भी करनी चाहिए। तभी यह कानून सार्थक हो पाएगा।

शनिवार, 23 जुलाई 2011

सूचना का अधिकार के अंतर्गत हरियाणा राज्य में ५० रूपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है जब की एक सिक्किम में १०० रूपये और गुजरात में २० रूपये निर्धारित है ! बाकि सभी राज्यों में १० रूपये निर्धारित है